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कालका जी, दिल्ली प्रदेश, India
प्रखर राष्ट्रवाद,देशभक्ति एवं प्रेम की भावना को काव्य गीतों से पल्लवित करने का एक आदर्श और अभिनव प्रयास.....

Wednesday, 28 December 2011

हे महापुरुषों मै भारत का युवा शर्मिंदा हू की हमें याद है की आज क्रिसमस है लेकिन हम भूल गए की आज आप महामानवों का जनमदिन है |
महामना मालवीय जी से ……..
हम भूल गए की आज तक क्रिसमस ने हमको कुछ नहीं दिया है फिर भी हम खुशियाँ मना रहे है जैसे “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”|धिक्कार है मुझे स्वयं पर की हम भूल गए की आप महामना मालवीय जी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के लिए,भारतीय संस्कृति के रक्षण और पोषण के लिए पुरे भारत में कितने लोगों से मिले दान लिया और भारतीय संस्कृति के रक्षण के लिए भिक्षा भी मांगी और आज आप का गौरव और सुयश पूरी दुनिया में चमक रहा है |
शर्मा आ रही है इस साठ करोड़ युवाओं के देश में की जिस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की गरिमा को आप ने अध्यक्ष पद से निखारा था आज उस पद पर इटली की एक ईसाई महिला विराजमान है और मै कुछ नहीं कर पा रहा हू |आप का वह स्वप्न की हर गली में एक हनुमान मंदिर हो और युवा उससे प्रेरणा ले सकें आज लक्षित हिंसा विधेयक का रूप ले चूका है और मै कायर युवा आज भी क्रिसमस मन रहा हू |
कितने महान थे आप महामना ठीक है की आप जीवित नहीं हैं नहीं तो शायद ये दुर्दशा देख आप भी रोते ही |
धन्यमना अटल बिहारी जी से ………..
मै आदि पुरुष निर्भयता का,वरदान लिए आया भू पर.
पय पीकर सब मरते आये,लो अमर हुआ मै विष पीकर.
अधरों की प्यास बुझाई है,मैंने पीकर वो आग प्रखर.
हो जाती दुनिया भास्म्सार,जिसको पल भर में ही छूकर.
भय से व्याकुल फिर दुनिया ने प्रारंभ किया मेरा पूजन.
मै नर,नारायण-नीलकंठ,बन गया न इसमें कुछ संसय.
हिन्दू तन-मन,हिन्दू जीवन,रग रग मेरा हिन्दू परिचय. 
मै अखिल विश्व का गुरु महान,देता विद्या का अमर दान.
मैंने दिखलाया मुक्ति मार्ग,मैंने सिखलाया ब्रह्मज्ञान.
मेरे वेदों की ज्योति प्रखर,मेरे वेदों का ज्ञान अमर.
मानव के मन अंधकार,या हो सामने सत्य सहर.
मेरे स्वर नभ में घहर-घहर,सागर के जल में फहर-फहर.
इस कोने से उस कोने तक कर सकता जगती सौरभ मय
हिन्दू तन-मन,हिन्दू जीवन,रग रग मेरा हिन्दू परिचय. 
हे महान राष्ट्र नायक मै साठ करोड़ भारतीय युवा और मुझमे इतनी भीरुता आ चुकी है की मै आप के इस उपरोक्त पंक्तियों के तेज से झुलस जा रहा हूँ |मै सिर्फ उस बकरियों के झुण्ड का एक सदस्य बन कर रह गया हू जो दीखते तो हज़ारों की संख्या में हैं पर एक भेर्डिया भी उनके अस्तित्व को चुनौती अकेले दे देता है |आप ने कारगिल से जिन दुश्मनों को बाहर खदेड़ दिया था वो दुश्मन अब संसद और हमारे घरों में भी पहोच चुके हैं |जिस भारत को आपने परमाणु संपन्न और स्वावलंबी बनाया था वो भारत हम युवाओं ने फिर से अमेरिका और इटली के हाथों गिरवी रख दिया |जिन सड़कों और मोबाइल की क्रांति का आपने उदय किया था वो देश २जी नाम के महाघोटाले में उलझा हुआ है |
बस बहोत जल्दी ही हम युवा आतंकवादियों की भेड़ बकरियां चराते मिलेंगे और आतंकवादी सॉफ्टवेयर भी |
साठ करोड़ भारतीय युवा ……..

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